रहस्यों से भरी एक ऐसी खौफनाक दास्तान, जिसे सुनने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे! क्या आप तैयार हैं इस अनजान सफर के लिए?
Share:

रहस्यों से भरी एक ऐसी खौफनाक दास्तान, जिसे सुनने के बाद आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे! क्या आप तैयार हैं इस अनजान सफर के लिए?

READING AGE 18+

Najbun Khan Suspense/Thriller

0 read

College का वह दिन भी बाकी दिनों से अलग नहीं था. जब College के नतीजों की घोषणा हुई, तो हर बार की तरह इस बार भी पहला स्थान इनायत ने ही हासिल किया था.​इनायत सिर्फ पढाई और दिमाग में ही सबसे तेज नहीं थी, बल्कि उसकी सादगी और खूबसूरती ऐसी थी मानो कोई संगमरमर की मूरत हो. उसकी इसी खूबी की वजह से College के कई लडके उसके पीछे रहते थे, लेकिन इनायत का दिल सिर्फ अपनी किताबों और सपनों के लिए धडकता था.​उसी College में कबीर भी था, जो इनायत को बेपनाह चाहता था. एक दिन हिम्मत जुटाकर कबीर ने इनायत के सामने अपने प्यार का इजहार किया. इनायत ने मुस्कुराते हुए बेहद शालीनता से कहा:​" कबीर, मैं प्यार- मोहब्बत में अपना वक्त बर्बाद नहीं करना चाहती. मेरे कुछ सपने हैं, मेरी पढाई है, और मुझे सिर्फ उन्हें ही पूरा करना है।​यह सुनकर कबीर का दिल टूटा नहीं, बल्कि इनायत के लिए उसकी मोहब्बत और गहरी हो गई. उसने तय किया कि वह इनायत के रास्ते का कांटा नहीं, बल्कि उसका हमसफर बनेगा—वह भी उसकी जानकारी के बिना.​परदे के पीछे का नायक​कबीर जानता था कि इनायत को आगे की पढाई के लिए एक महंगे इंटरनेशनल जर्नल की मेंबरशिप और कुछ दुर्लभ किताबों की जरूरत थी, जिसके लिए वह दिन- रात पार्ट- टाइम Job ढूंढ रही थी.​गुप्त मदद: कबीर ने College लाइब्रेरी के फंड में अपनी सेविंग्स डोनेट कर दीं और लाइब्रेरियन से कहकर वे सारी किताबें खास तौर पर इनायत के लिए अलॉट करवा दीं.​प्रोजेक्ट में सपोर्ट: जब इनायत के फाइनल ईयर project के लिए डेटा रिसर्च की जरूरत थी, तो कबीर ने रातों जागकर वह डेटा तैयार किया और एक प्रोफेसर के जरिए इनायत तक भिजवा दिया, ताकि उसे शक न हो.​इनायत को लगा कि उसकी किस्मत उसका साथ दे रही है, लेकिन असल में वह कबीर की खामोश मोहब्बत थी जो उसके सपनों को पंख दे रही थी.​​सालों बाद, जब इनायत देश की सबसे सफल आंत्रप्रेन्योर (Entrepreneur) बनकर स्टेज पर खडी थी, तब उसे एक डायरी मिलती है. वह डायरी कबीर की थी, जिसमें उसके हर एक सपने को पूरा करने का पूरा हिसाब और कबीर की बेनाम दुआएं लिखी थीं.​​ एक इमोशनल और सस्पेंस भरा मोड (The Search for Kabir)​कहानी आगे बढती है:स्टेज पर खडी इनायत की आँखों में आँसू थे. उस डायरी का एक- एक पन्ना गवाह था कि उसकी कामयाबी के पीछे कोई किस्मत नहीं, बल्कि कबीर की सालों की तपस्या थी. इनायत को याद आता है कि कबीर तो College के बाद अचानक गायब हो गया था. वह तुरंत अपनी सारी मीटिंग्स कैंसिल करती है और कबीर को ढूँढने का फैसला करती है.​बडा ट्विस्ट:इनायत पुरानी कडियों को जोडते हुए कबीर के पुराने घर पहुँचती है. वहाँ उसे पता चलता है कि कबीर कभी गायब नहीं हुआ था, बल्कि वह आज भी इनायत की ही कंपनी में एक बहुत ही छोटे पद (जैसे एक साधारण ऑफिस असिस्टेंट या बैकएंड डेवलपर) पर काम कर रहा है ताकि वह हमेशा उसके आस- पास रह सके और उसे हर मुसीबत से बचा सके.​क्लाइमेक्स:इनायत पूरी कंपनी के सामने, कबीर की असली पहचान और उसके योगदान को सबके सामने लाती है. वह उसे अपने साथ स्टेज पर खडा करती है और कहती है, मेरी कामयाबी का असली मालिक मैं नहीं, कबीर है।​ (डायरी पढते हुए): मैं दुनिया के सामने खुद को सबसे सफल औरत समझ रही थी. पर मुझे क्या पता था कि मेरी इस सफलता की कीमत कोई चुपचाप अपनी जिंदगी देकर चुका रहा था।कबीर (मन में): मोहब्बत का मतलब उसे पाना नहीं होता. उसे दुनिया की हर खुशी देना होता है, चाहे उसमें मेरा नाम शामिल हो या न हो।स्टेज का माहौल और कबीर की प्रतिक्रिया:इनायत की बात सुनकर पूरे हॉल में सन्नाटा छा जाता है. कबीर, जो अब तक एक साधारण बैकएंड डेवलपर के रूप में चुपचाप पीछे खडा था, उसकी आँखों में आँसू आ जाते हैं. वह मंच पर इनायत के सामने आता है. कैमरे और मीडिया की लाइटें उस पर चमकने लगती हैं. कबीर माइक थामता है और धीमी लेकिन स्थिर आवाज में कहता है, इनायत, मेरी पहचान तुम्हारी कामयाबी से अलग नहीं है. अगर मेरी गुमनामी ने तुम्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है, तो मुझे हर पल ओझल रहना मंजूर था।​कंपनी और समाज में बदलाव:इस खुलासे के बाद कंपनी के अंदर कबीर को लेकर लोगों का नजरिया रातों- रात बदल जाता है. जो सहकर्मी उसे एक मामूली कर्मचारी समझकर नजरअंदाज करते थे, अब उसे सम्मान की नजर से देखने लगते हैं. इनायत कबीर को कंपनी में उसका असली हक और' चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर' (CTO) या' पार्टनर' का पद ऑफर करती है, जिसे कबीर काफी हिचकिचाहट के बाद सिर्फ इनायत का साथ देने के लिए स्वीकार कर लेता है.​अतीत का कोई नया दुश्मन (The Hidden Rival):कबीर इतने सालों तक क्यों छुपा हुआ था? क्या वह सिर्फ इनायत की मदद करना चाहता था, या फिर उसके अतीत में कोई ऐसा दुश्मन था जिससे वह इनायत को बचा रहा था? अब जब कबीर की असली पहचान दुनिया के सामने आ गई है, तो वह पुराना खतरा फिर से लौट सकता है.​इनायत का गिल्ट (Inayat' s Guilt):इनायत को इस बात का गहरा पछतावा होता है कि कबीर ने उसके लिए अपनी जिंदगी के इतने साल बर्बाद कर दिए. वह कबीर को वह सब कुछ लौटाना चाहती है जो उसने खोया है, लेकिन कबीर को सिर्फ इनायत की खुशी चाहिए. दोनों के बीच प्यार और अहसान का एक खूबसूरत टकराव देखने को मिलेगा.​कॉरपोरेट पॉलिटिक्स:कंपनी के कुछ अन्य बडे शेयरधारक या बोर्ड मेंबर्स कबीर के इस अचानक उभार से खुश नहीं होंगे. वे कबीर के बीते हुए कल और उसके गायब होने के रहस्यों को कुरेदने की कोशिश करेंगे ताकि कंपनी पर अपना कंट्रोल बना सकें.आगे की कहानी (The Next Scene)*सीन: कंपनी का बोर्डरूम (रात का समय)*कबीर के अचानक कंपनी में वापस आने और उसकी असली पहचान सामने आने के बाद, बोर्ड मेंबर्स के बीच हडकंप मच गया है.* (एक चालाक बोर्ड मेंबर): यह आदमी इतने सालों तक गायब था, और अचानक आकर हमारे बिजनेस एम्पायर पर कब्जा कर रहा है? हमें इसके बीते हुए कल की छानबीन करनी होगी. कुछ तो ऐसा है जिसे यह छुपा रहा है।* सीन: कबीर का केबिन*कबीर खिडकी के पास खडा

Unfold

Tags: darklove-trianglefamilygangsterdramasweetkickingmythologypack
Latest Updated

लाल सुहागरात और तबाही के निशान*

बाहर भोर का उजाला अब पूरी तरह फैल चुका था. चिडियों की चहचहाहट की जगह अब एम्बुलेंस और विशेष सुरक्षा बलों (Special Forces) के सायरन की गूंज ने ले ली थी.

कबीर की Call पर उसकी पूरी टीम हवेली पहुंच चुकी थी. चाचा के शव को चादर से ढककर बाहर ले जाया जा रहा था. हवेली का वह कोना जो कल तक शहनाइयों और खुशियों से ग……

Comment

    Navigate with selected cookies

    Dear Reader, we use the permissions associated with cookies to keep our website running smoothly and to provide you with personalized content that better meets your needs and ensure the best reading experience. At any time, you can change your permissions for the cookie settings below.

    If you would like to learn more about our Cookie, you can click on Privacy Policy.